विस्तृत उत्तर
यममार्ग वह कठोर मार्ग है जिस पर तेरहवें दिन के बाद यमदूत आत्मा को यमराज की पुरी की ओर ले जाते हैं। मृत्युलोक, अर्थात पृथ्वी, और यमलोक के बीच की दूरी 86,000 योजन बताई गई है। आत्मा प्रतिदिन 247 योजन या कुछ पाठभेदों के अनुसार 200.5 योजन की दूरी तय करती है। इस गति से यमराज की पुरी तक पहुँचने में 348 दिन लगते हैं। यह मार्ग तपते सूर्य की ज्वालाओं से दग्ध है, वहाँ विश्राम के लिए कोई वृक्ष या छाया नहीं है, और आत्मा भूख, प्यास, थकान तथा यमदूतों के प्रहारों से कष्ट पाती हुई आगे बढ़ती है।
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