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मृत्युलोक प्रश्नोत्तरी — 8 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित मृत्युलोक विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 8 प्रश्न

शिवभक्ति

शिवभक्ति के बिना जीव बार-बार संसार में क्यों गिरता है?

शिवभक्ति से हीन प्राणी स्वर्गादि के लिए कर्मजाल में फँसकर मृत्युलोक में बार-बार गिरता है।

शिवभक्तिसंसारमृत्युलोक
लोक

लक्ष्मी जी तीन साल धरती पर क्यों रहीं?

वे तीन वर्ष तक किसान माधव के घर प्रायश्चित के रूप में रहीं।

लक्ष्मी जीतीन सालमृत्युलोक
लोक

यममार्ग की दूरी 86,000 योजन क्यों बताई गई है?

गरुड़ पुराण में मृत्युलोक से यमलोक की दूरी ८६,००० योजन बताई गई है, इसलिए यममार्ग इतना लंबा माना गया है।

यममार्ग दूरी86000 योजनगरुड़ पुराण
लोक

यमलोक पृथ्वी से कितनी दूरी पर है?

गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्युलोक से यमलोक की दूरी ८६,००० योजन, लगभग ६,८८,००० मील है।

यमलोक दूरी86000 योजनगरुड़ पुराण
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

मृत्युलोक से यमलोक की दूरी कितनी है?

मृत्युलोक से यमलोक की दूरी 86,000 योजन बताई गई है।

मृत्युलोकयमलोकदूरी
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

यममार्ग क्या होता है?

यममार्ग पृथ्वी से यमलोक तक की 86,000 योजन लंबी कठोर यात्रा का मार्ग है।

यममार्गयमलोकमृत्युलोक
लोक

तपोलोक जाने वाले जीव वापस जन्म लेते हैं क्या?

तपोलोक पहुँचने वाले जीव सामान्य रूप से मृत्युलोक में वापस जन्म नहीं लेते।

तपोलोकपुनर्जन्ममृत्युलोक
व्रत कथा

पृथ्वी (मृत्युलोक) पर मनसा देवी की पूजा सबसे पहले किसने और कैसे शुरू की?

पृथ्वी पर मनसा देवी की पूजा सबसे पहले चंपक नगर के 'चाँद सौदागर' ने शुरू की थी। उसने देवी की ओर पीठ करके उल्टे (बाएँ) हाथ से उन पर फूल चढ़ाया था, जिसे माता ने स्वीकार कर लिया था।

प्रथम पूजामृत्युलोकचाँद सौदागर

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।