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क्या है

इंद्र क्या है?(9)

इंद्र का अर्थइंद्र क्या है?इंद्र का महत्व
सरल उत्तर

इंद्रास्त्र के अधिष्ठाता देवता देवराज इंद्र हैं जो वर्षा, तूफान और युद्ध के देवता हैं। यह अस्त्र उनकी प्राकृतिक शक्तियों का सैन्य रूपांतरण है।

स्रोत प्रश्न: इंद्रास्त्र का अधिष्ठाता देवता कौन है? →
दिव्यास्त्र

वासवी शक्ति क्या है?

वासवी शक्ति महाभारत का एक अमोघ दिव्यास्त्र था जिसे केवल एक बार चलाया जा सकता था और जिसका निशाना कभी नहीं चूकता था। यह कर्ण के पास था और इंद्र ने इसे दिया था।

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दिव्यास्त्र

ऐंद्रास्त्र क्या है

ऐंद्रास्त्र देवराज इंद्र का दिव्यास्त्र है जो चलाने पर शत्रु-दल पर असंख्य बाण-वर्षा करता है। महाभारत में अर्जुन ने इसका प्रयोग सुदक्षिण और संसप्तकों के विरुद्ध किया था।

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दिव्यास्त्र

इंद्रास्त्र का अधिष्ठाता देवता कौन है?

इंद्रास्त्र के अधिष्ठाता देवता देवराज इंद्र हैं जो वर्षा, तूफान और युद्ध के देवता हैं। यह अस्त्र उनकी प्राकृतिक शक्तियों का सैन्य रूपांतरण है।

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दिव्यास्त्र

इंद्रास्त्र क्या है?

इंद्रास्त्र देवराज इंद्र का दिव्यास्त्र है जो मंत्रों से जागृत होकर आकाश से बाणों की वर्षा करता था और दुश्मन सेनाओं को नष्ट करने में सक्षम था।

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दिव्यास्त्र

इंद्र का वज्र क्या है

वज्र देवराज इंद्र का प्रमुख दिव्य अस्त्र है। भगवद्गीता में श्रीकृष्ण ने कहा — 'अस्त्रों में मैं वज्र हूँ।' यह महर्षि दधीचि की अस्थियों से विश्वकर्मा ने बनाया था।

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दिव्यास्त्र

वज्रास्त्र क्या है?

वज्रास्त्र देवों के राजा इंद्र का व्यक्तिगत दिव्य आयुध है जो उनकी अदम्य शक्ति और अधिकार का प्रतीक है। इसका निर्माण महर्षि दधीचि की अस्थियों से हुआ था।

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लोक

सत्यलोक के द्वारपाल कौन हैं?

सत्यलोक के द्वारपाल इंद्र और प्रजापति हैं। यह उल्लेखनीय है कि स्वर्ग के राजा इंद्र यहाँ द्वारपाल हैं — यह सत्यलोक की सर्वोच्चता का प्रमाण है।

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व्रत एवं त्योहार

गोवर्धन पूजा में अन्नकूट क्या है?

अन्नकूट का अर्थ है 'अन्न का पर्वत।' गोवर्धन पर्वत उठाकर सात दिन भूखे रहने के बाद ब्रजवासियों ने कृष्ण को 7 दिन × 8 पहर = 56 प्रकार के व्यंजन खिलाए — यही छप्पन भोग की परंपरा है। इसे अन्नकूट कहते हैं।

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तंत्र प्रतीक

तांत्रिक साधना में वज्र का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?

अविनाशी (हीरा=आत्मा), इंद्र शस्त्र (अज्ञान नाश), सुषुम्ना (कुंडलिनी मार्ग), बौद्ध वज्रयान (शून्यता+करुणा), अचूक शक्ति। वज्रासन = दृढ़ता।

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