नैमित्तिक प्रलय ब्रह्मा के एक दिन (कल्प) के अंत में होता है जब केवल त्रैलोक्य (भूर्लोक, भुवर्लोक, स्वर्लोक) भस्म होता है। महर्लोक इस प्रलय में भस्म नहीं होता पर निर्जन हो जाता है।
नैमित्तिक प्रलय ब्रह्मा के एक दिन (कल्प) के अंत में होता है जब केवल त्रैलोक्य (भूर्लोक, भुवर्लोक, स्वर्लोक) भस्म होता है। महर्लोक इस प्रलय में भस्म नहीं होता पर निर्जन हो जाता है।