ब्रह्म इस सारे विश्व का परम सत्य है। तैत्तिरीय उपनिषद के अनुसार 'सत्यं ज्ञानमनन्तं ब्रह्म' — ब्रह्म सत्य, ज्ञान और अनंत है। अद्वैत वेदांत के अनुसार 'ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या' — ब्रह्म ही एकमात्र परम सत्य है।
मोक्ष = जन्म-मृत्यु के चक्र से पूर्ण मुक्ति। चार पुरुषार्थों में सर्वोच्च। चार मार्ग: कर्म योग, ज्ञान योग, भक्ति योग, राज योग। अद्वैत: आत्मा = ब्रह्म (शंकर)। विशिष्टाद्वैत: आत्मा ईश्वर में (रामानुज)। द्वैत: भक्ति से (मध्व)। मोक्ष = सच्चिदानंद की अवस्था।