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विस्तृत उत्तर
बलराम जी के मुख से श्वेत नाग इसलिए निकला क्योंकि वे स्वयं भगवान अनंत शेष के अवतार थे। जब बलराम जी ने प्रभास तीर्थ में समुद्र तट पर योग समाधि धारण की, तब उनकी समाधि की अवस्था में उनके मुख से एक अत्यंत विशाल और दिव्य श्वेत नाग प्रकट हुआ। उस नाग ने महासागर में प्रवेश किया और सीधे रसातल की ओर प्रस्थान किया। वहाँ वरुण और प्रमुख नागों ने उसका स्वागत किया। यह घटना बताती है कि रसातल और उसके नीचे स्थित पाताल, अनंत शेष का मूल ब्रह्मांडीय निवास है।
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