विस्तृत उत्तर
बिल्वाष्टकम् के अनुसार बेल के पेड़ में त्रिदेवों का वास है— मूल में ब्रह्मा, मध्य में विष्णु और अग्र भाग में शिव। स्कंदपुराण के अनुसार यह देवी पार्वती से उत्पन्न है और इसमें उनके विभिन्न स्वरूप रहते हैं (जड़ में गिरिजा, तने में महेश्वरी, शाखाओं में दाक्षायनी, पत्तियों में पार्वती, फूलों में गौरी, फलों में कात्यायनी)। इसके मूल भाग में संपूर्ण तीर्थों का भी निवास होता है।





