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विस्तृत उत्तर
हाँ। स्कंदपुराण के स्पष्ट वचन 'अर्पितान्य बिलवानी प्रक्षाल्यापि पुनः पुनः' के अनुसार, शिवलिंग पर चढ़ाया हुआ बिल्वपत्र धोकर पुनः (दोबारा) चढ़ाया जा सकता है (अधिकतम 7 बार)। बिल्वपत्र की विशेषता है कि यह 6 माह तक बासी या अशुद्ध नहीं माना जाता।
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