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विस्तृत उत्तर
मृत्यु के समय मरणासन्न व्यक्ति के दोनों हाथों और कंठ पर तुलसी पत्र रखने का विधान है। व्यक्ति को गोमय-लेपित भूमि पर कुशा बिछाकर लिटाया जाता है और उसके निकट शालिग्राम शिला स्थापित की जाती है। यह संपूर्ण विधि देह की पवित्रता और पारलौकिक शुद्धता को सुनिश्चित करने के लिए बताई गई है। कंठ पर तुलसी पत्र रखना इसी मृत्यु-पूर्व शास्त्रीय संस्कार का एक अंग है।
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