विस्तृत उत्तर
शास्त्रों के अनुसार, बिल्वपत्र की एक अद्वितीय विशेषता यह है कि यह छः माह (6 महीने) तक बासी नहीं माना जाता। इसलिए यदि नया बेलपत्र उपलब्ध न हो, तो पुराने या पहले से चढ़ाये गए बेलपत्र को धोकर भी पूरी शुद्धता के साथ शिव पूजा में उपयोग किया जा सकता है।


