ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
पाठ नियम📜 धर्म सिंधु, नित्यकर्म पूजा प्रकाश, शाक्त तंत्र परंपरा2 मिनट पठन

चंडी पाठ के नियम क्या हैं?

संक्षिप्त उत्तर

चंडी पाठ के विशेष नियम: षडंग पाठ (कवच+अर्गला+कीलक+नवार्ण+13 अध्याय+उपसंहार) अनिवार्य। कीलक से पहले विकीलन (ॐ नमश्चण्डिकायै तीन बार)। अशुद्धि पर नवार्ण मंत्र 108 बार। पाठ के बाद आरती और क्षमा प्रार्थना।

📖

विस्तृत उत्तर

चंडी पाठ के नियम धर्म सिंधु और शाक्त परंपरा में वर्णित हैं:

सामान्य नियम (सप्तशती नियम के समान)

  1. 1स्नान, लाल या पीत वस्त्र
  2. 2पूर्व या उत्तर मुख
  3. 3लाल आसन
  4. 4पुस्तक भूमि पर नहीं

चंडी पाठ के विशेष नियम

1षडंग पाठ अनिवार्य

शुद्ध चंडी पाठ में छः अंग (षडंग) का पाठ करना चाहिए:

  • कवच
  • अर्गला
  • कीलक
  • नवार्ण मंत्र
  • 13 अध्याय
  • उपसंहार

2कीलन-विकीलन

कीलक स्तोत्र' में मंत्र की 'कील' (रुकावट) लगी है। पाठ से पहले विकीलन (कील हटाना) आवश्यक है:

> 'ॐ नमश्चण्डिकायै'

तीन बार बोलकर कीलक पाठ करें।

3देव्यथर्वशीर्ष

पाठ से पूर्व देव्यथर्वशीर्ष का पाठ शुभ है।

4मध्याह्न में विश्राम

दीर्घ पाठ में दोपहर के समय विश्राम — पाठ थोड़ी देर रोक सकते हैं।

5अशुद्धि में उपचार

यदि पाठ में कोई अशुद्धि हो:

  • नवार्ण मंत्र 108 बार
  • या पुनः उस श्लोक का पाठ

6पाठ के बाद

  • आरती
  • क्षमा प्रार्थना: 'अपराधसहस्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया...'
  • प्रसाद वितरण

शत चंडी के अतिरिक्त नियम

शत चंडी (100 पाठ) में:

  • 9 कुंड हवन
  • 9 विद्वान पुरोहित
  • 9 दिन या अधिक
  • विधिवत दीक्षित साधक
📜
शास्त्रीय स्रोत
धर्म सिंधु, नित्यकर्म पूजा प्रकाश, शाक्त तंत्र परंपरा
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

चंडी पाठ नियमविधिशुद्धताविशेष नियम

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

चंडी पाठ के नियम क्या हैं — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको पाठ नियम से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर धर्म सिंधु, नित्यकर्म पूजा प्रकाश, शाक्त तंत्र परंपरा पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।