विस्तृत उत्तर
दुर्गा सप्तशती पाठ के शास्त्रोक्त नियम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं — इनके पालन से पाठ का पूर्ण फल मिलता है:
शरीर शुद्धि के नियम
- 1प्रतिदिन स्नान करके पाठ करें
- 2पाठ काल में ब्रह्मचर्य का पालन करें
- 3मासिक धर्म के दौरान स्त्रियां पाठ न करें (किंतु सुन सकती हैं)
- 4सफेद, लाल या पीले वस्त्र धारण करें — काले वस्त्र न पहनें
आहार नियम
- 1सात्विक भोजन करें — लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा वर्जित
- 2नवरात्रि में व्रत रखें (एक समय भोजन या फलाहार)
- 3पाठ के तुरंत बाद भोजन न करें
पाठ विधि के नियम
- 1एक बार शुरू करें तो पूरा करें — बीच में न छोड़ें
- 2पाठ शुद्ध, स्पष्ट उच्चारण के साथ करें
- 3जल्दबाजी न करें — श्रद्धा से पढ़ें
- 4यदि उच्चारण न आता हो तो किसी विद्वान से सीखें
- 5पुस्तक भूमि पर न रखें — लकड़ी के आसन पर रखें
- 6पाठ के समय पीठ दरवाजे की ओर न हो
पाठ के दौरान
- 1बीच में बात न करें, उठें नहीं
- 2झूठ, क्रोध और व्यर्थ वार्ता से बचें पूरे दिन
- 3दूसरों की निंदा न करें
संख्या नियम
- ▸पूर्ण पाठ: 13 अध्याय एक साथ
- ▸नवरात्रि पाठ: 9 दिन में पूरा
- ▸यदि सब न हो: केवल 'देवी सूक्त' (11 श्लोक) का पाठ भी स्वीकार्य है
अधूरे पाठ का प्रायश्चित
यदि पाठ बीच में रह जाए तो अगले दिन उसी स्थान से शुरू न करें — पुनः आरंभ से पाठ करें।





