विस्तृत उत्तर
भूत वे सूक्ष्म आत्माएं हैं जिनका भौतिक शरीर नष्ट हो चुका है, परंतु पृथ्वी लोक, भौतिक वस्तुओं, स्थानों या व्यक्तियों के प्रति उनकी वासना और अपूर्ण इच्छाएं इतनी तीव्र हैं कि वे स्वयं को भौतिक जगत से अलग नहीं कर पाते। संस्कृत में 'भूत' शब्द 'भू' धातु से बना है, जिसका अर्थ है 'वह जो अतीत में था'। भूत नकारात्मक शक्तियों के रूप में वायुमंडल में मौजूद असुरक्षित प्राण ऊर्जा को सोख कर अपना अस्तित्व बनाए रखते हैं। भूत योनि मुख्यतः अत्यंत हिंसक मृत्यु, तीव्र अपूर्ण इच्छाओं, मोह, धन, घर, व्यक्ति या प्रतिशोध से जुड़ी हुई मानी गई है।
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