विस्तृत उत्तर
भुवनेश्वरी यंत्र की संरचना:
— बाहरी घेरा: भूपुर (चार द्वारों वाला वर्गाकार घेरा)।
— मध्य भाग: अष्टदल कमल (आठ पंखुड़ियों वाला कमल, जो पंच महाभूतों और तीन गुणों का प्रतिनिधित्व करता है)।
— कमल के केंद्र में: षट्कोण (दो परस्पर जुड़े त्रिकोण, जो शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक हैं)।
— षट्कोण के बिल्कुल मध्य में: बिंदु (Bindu), जो परम चेतना या स्वयं देवी भुवनेश्वरी का प्रतीक है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक



