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विस्तृत उत्तर
इस कथा में हिरण्याक्ष वह असुर है जिसने पृथ्वी को रसातल के अंधकार में छिपा दिया था। उसे अज्ञान, अहंकार और जीवन को नीचे खींचने वाली शक्ति का प्रतीक भी माना गया है। जब पृथ्वी जल में डूबी हुई थी, तब सृष्टि की रचना बाधित थी। भगवान विष्णु ने वराह रूप लेकर हिरण्याक्ष के अज्ञान का अंत किया और पृथ्वी को पुनः स्थापित किया।
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