विस्तृत उत्तर
श्रीमद्भागवत पुराण और विष्णु पुराण के अनुसार जम्बू द्वीप को पर्वत शृंखलाओं द्वारा नौ मुख्य भौगोलिक खण्डों (जिन्हें 'वर्ष' कहा जाता है) में विभाजित किया गया है। ये नौ वर्ष इस प्रकार हैं — इलावृत वर्ष (मेरु के चारों ओर मध्य में), भद्राश्व वर्ष (मेरु के पूर्व में), हरि वर्ष (मेरु के दक्षिण में), केतुमाल वर्ष (मेरु के पश्चिम में), रम्यक वर्ष (मेरु के उत्तर में), हिरण्मय वर्ष (श्वेत और शृंगी के मध्य), उत्तरकुरु वर्ष (शृंगी पर्वत के पार उत्तर में), किम्पुरुष वर्ष (हिमालय और हेमकूट के मध्य) और भारतवर्ष (हिमालय के दक्षिण में)। प्रत्येक वर्ष की अपनी एक विशिष्ट आध्यात्मिक और भौगोलिक पहचान है और प्रत्येक वर्ष में भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों और अंशों की प्रत्यक्ष आराधना वहाँ के मुख्य निवासियों द्वारा विशिष्ट मंत्रों के साथ की जाती है।
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