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शकुन शास्त्र📜 शकुन शास्त्र, लोक परंपरा (Amar Ujala verified)2 मिनट पठन

कौआ बोलने का शकुन क्या है — किस दिशा में शुभ?

संक्षिप्त उत्तर

कौआ = पितरों का दूत। दाहिनी ओर बोले = शुभ। बाईं ओर = अशुभ। छत पर = मेहमान। सिर पर = पितृ दोष। पितृ पक्ष में कौवे को भोजन = पितर तृप्ति। लोक मान्यता।

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विस्तृत उत्तर

शकुन शास्त्र में कौवे को पितरों का दूत माना जाता है। कौवे का बोलना/बैठना शुभ-अशुभ दोनों हो सकता है।

दिशा अनुसार शकुन

  • कौआ घर की छत पर बैठकर बोले — मेहमान आने का संकेत।
  • कौआ दाहिनी ओर बोले = शुभ (अच्छी खबर)।
  • कौआ बाईं ओर बोले = अशुभ (सावधानी)।
  • कौआ सिर पर बैठे/छुए — पितृ दोष का संकेत, श्राद्ध/तर्पण करें।
  • कौआ भोजन ले जाए — पितर संतुष्ट (श्राद्ध में शुभ)।

पितृ पक्ष में विशेष

  • पितृ पक्ष में कौवे को भोजन खिलाना अनिवार्य माना जाता है — कौवा पितरों का प्रतिनिधि।
  • कौवा भोजन ग्रहण करे = पितर संतुष्ट। न खाए = पितर अतृप्त।

अन्य शकुन

  • कौआ सुबह बोले = शुभ (दिन अच्छा)।
  • कौआ रात में बोले = अशुभ (सावधानी)।
  • दो कौवे साथ दिखें = शुभ संकेत।

ध्यान दें: ये लोक मान्यताएँ हैं। कौवे का बोलना उसकी स्वाभाविक प्रकृति है — इस पर जीवन निर्णय न लें।

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शास्त्रीय स्रोत
शकुन शास्त्र, लोक परंपरा (Amar Ujala verified)
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