विस्तृत उत्तर
शकुन शास्त्र में कौवे को पितरों का दूत माना जाता है। कौवे का बोलना/बैठना शुभ-अशुभ दोनों हो सकता है।
दिशा अनुसार शकुन
- ▸कौआ घर की छत पर बैठकर बोले — मेहमान आने का संकेत।
- ▸कौआ दाहिनी ओर बोले = शुभ (अच्छी खबर)।
- ▸कौआ बाईं ओर बोले = अशुभ (सावधानी)।
- ▸कौआ सिर पर बैठे/छुए — पितृ दोष का संकेत, श्राद्ध/तर्पण करें।
- ▸कौआ भोजन ले जाए — पितर संतुष्ट (श्राद्ध में शुभ)।
पितृ पक्ष में विशेष
- ▸पितृ पक्ष में कौवे को भोजन खिलाना अनिवार्य माना जाता है — कौवा पितरों का प्रतिनिधि।
- ▸कौवा भोजन ग्रहण करे = पितर संतुष्ट। न खाए = पितर अतृप्त।
अन्य शकुन
- ▸कौआ सुबह बोले = शुभ (दिन अच्छा)।
- ▸कौआ रात में बोले = अशुभ (सावधानी)।
- ▸दो कौवे साथ दिखें = शुभ संकेत।
ध्यान दें: ये लोक मान्यताएँ हैं। कौवे का बोलना उसकी स्वाभाविक प्रकृति है — इस पर जीवन निर्णय न लें।





