ज्योतिर्लिंगओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा क्या है?ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के ॐ आकार द्वीप पर है। राजा मांधाता की घोर तपस्या से प्रसन्न होकर शिव ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए। नर्मदा स्वयं इस द्वीप की परिक्रमा करती है।#ओंकारेश्वर#नर्मदा#ओम द्वीप
ज्योतिर्लिंगभीमाशंकर ज्योतिर्लिंग की कथा क्या है?कुंभकर्ण पुत्र भीमासुर ने ब्रह्मा से वरदान लेकर तीनों लोकों में आतंक मचाया। शिव ने ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट होकर भीमासुर का वध किया और देवताओं के आग्रह पर भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग रूप में वहाँ विराजित हो गए। शिव के पसीने से भीमा नदी निकली।#भीमाशंकर#भीमासुर#कुंभकर्ण पुत्र
ज्योतिर्लिंगत्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा क्या है?ब्रह्मगिरि पर महर्षि गौतम पर गोहत्या का षड्यंत्रपूर्ण आरोप लगा। गौतम की घोर तपस्या से शिव प्रकट हुए। गंगा की शर्त पर शिव त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग रूप में विराजे और गंगा गोदावरी नाम से प्रकट हुई। यहाँ त्रिदेव एक लिंग में विराजते हैं।#त्र्यंबकेश्वर#गौतम ऋषि#गोदावरी
ज्योतिर्लिंगवैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग की कथा क्या है?रावण ने नौ सिर अर्पित कर शिव को प्रसन्न किया। शिव ने रावण के सिर जोड़े (वैद्य=चिकित्सक)। आत्मलिंग लेकर लंका जाते समय विष्णु लीला से देवघर में भूमि पर रख गया। वहीं वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग स्थापित हो गया।#वैद्यनाथ#रावण#देवघर
ज्योतिर्लिंगमल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग किस स्थान पर है और इसकी कथा क्या है?मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग आंध्र प्रदेश में श्रीशैल पर्वत पर कृष्णा तट पर है। कार्तिकेय के रुष्ट होकर क्रौंच पर्वत जाने पर शिव-पार्वती उनके निकट श्रीशैल पर विराजे। मल्लिका=पार्वती, अर्जुन=शिव — दोनों यहाँ एकसाथ पूजित हैं।#मल्लिकार्जुन#श्रीशैल#आंध्र प्रदेश
ज्योतिर्लिंगशिव के ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट होने की कथा क्या है लिंग पुराण के अनुसार?लिंग पुराण के अनुसार ब्रह्मा-विष्णु के श्रेष्ठता-विवाद में शिव अनंत प्रकाश स्तंभ (ज्योतिर्लिंग) रूप में प्रकट हुए। विष्णु ने अंत न पाकर सत्य स्वीकारा; ब्रह्मा ने झूठ बोला तो श्राप मिला। वह अनंत ज्योति-स्तंभ ही ज्योतिर्लिंग कहलाया।#ज्योतिर्लिंग प्रकटन#लिंग पुराण#ब्रह्मा विष्णु विवाद
ज्योतिर्लिंगशिव पुराण में कितने ज्योतिर्लिंगों का वर्णन है?शिव पुराण में कुल 64 ज्योतिर्लिंगों का उल्लेख है, जिनमें से 12 सर्वाधिक पवित्र 'महाज्योतिर्लिंग' हैं। सोमनाथ से लेकर घुश्मेश्वर तक ये 12 ज्योतिर्लिंग भारत के विभिन्न स्थानों पर स्थित हैं। इनके नाम का पाठ सात जन्मों के पाप नष्ट करता है।#12 ज्योतिर्लिंग#शिव पुराण#64 ज्योतिर्लिंग
ज्योतिर्लिंगनागेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा क्या है?दारुका राक्षस ने शिवभक्त सुप्रिय वैश्य को समुद्र में पकड़कर कैद किया। कारागार में सुप्रिय की पुकार सुनकर शिव ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए, सुप्रिय को पाशुपतास्त्र दिया जिससे दारुक का वध हुआ। वह ज्योतिर्लिंग नागेश्वर नाम से प्रसिद्ध हुआ।#नागेश्वर#दारुका राक्षस#सुप्रिय वैश्य
ज्योतिर्लिंगसोमनाथ ज्योतिर्लिंग की कथा क्या है?चंद्रमा को दक्ष प्रजापति ने रोहिणी-पक्षपात के कारण क्षय रोग का श्राप दिया। प्रभास क्षेत्र में शिव की घोर तपस्या के बाद शिव ने वरदान दिया — शुक्ल पक्ष में बढ़ेंगे, कृष्ण पक्ष में घटेंगे। चंद्र (सोम) के नाम पर शिवलिंग 'सोमनाथ' कहलाया।#सोमनाथ#चंद्रमा#दक्ष श्राप