दैनिक कर्मपांच महायज्ञ प्रतिदिन करने का विधान?5 महायज्ञ: 1.ब्रह्म(स्वाध्याय) 2.देव(हवन/पूजा) 3.पितृ(तर्पण) 4.भूत(प्राणी भोजन) 5.अतिथि(सेवा)। = 5 ऋण। आधुनिक: गीता+दीपक+पितर स्मरण+गाय रोटी+मेहमान=15 मिनट।#पंचमहायज्ञ#नित्य कर्म#गृहस्थ
दैनिक कर्मतुलसी पूजा रोज कैसे करें?सुबह: जल+दीपक+हल्दी/कुमकुम→3-7 परिक्रमा→'ॐ तुलस्यै नमः' 11 बार। शाम दीपक। पत्ते रविवार/एकादशी/रात न तोड़ें। तुलसी=विष्णुप्रिया।#तुलसी#पूजा#दैनिक
दैनिक कर्मसूर्य को जल देने की विधि और मंत्र क्या हैतांबे के लोटे में जल + लाल फूल + लाल चन्दन + कुमकुम + अक्षत। सूर्योदय के समय पूर्व दिशा में मुख कर 'ॐ सूर्याय नमः' या 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए जल अर्पित करें। गायत्री मंत्र भी जप सकते हैं। नियमित समय पर करें, बासी जल न चढ़ाएँ।#सूर्य अर्घ्य#जल अर्पण#सूर्य मंत्र
दैनिक कर्मसंध्या वंदन की विधि — कितनी बार करें?3 बार: प्रातः/मध्याह्न/सायं। आचमन→प्राणायाम→सूर्य अर्घ्य→गायत्री 108→उपस्थान→समर्पण। सरल: 5 मिनट=आचमन+प्राणायाम+गायत्री 10। न्यूनतम 1 बार(प्रातः)।#संध्या वंदन#त्रिकाल#गायत्री
दैनिक कर्मसूर्य को जल देने की विधि — मंत्र?सूर्योदय, तांबा लोटा(जल+रोली+फूल), पूर्व मुख, खड़े, 'ॐ सूर्याय नमः' 11 बार, धीरे जल गिराएँ(इंद्रधनुष)। लाभ: स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, विटामिन D।#सूर्य अर्घ्य#जल#विधि