मरणोपरांत आत्मा यात्रादक्षिण द्वार से पापी आत्मा को कैसे ले जाया जाता है?यमदूत पापी आत्मा को दक्षिण द्वार से घसीटकर यमपुरी में ले जाते हैं।#दक्षिण द्वार#पापी आत्मा#यमदूत
मरणोपरांत आत्मा यात्रापापी आत्माएँ यमपुरी में किस द्वार से प्रवेश करती हैं?पापी आत्माएँ यमपुरी में भयंकर दक्षिण द्वार से प्रवेश करती हैं।#पापी आत्मा#यमपुरी#दक्षिण द्वार
मरणोपरांत आत्मा यात्रापुण्यात्माएँ यमपुरी में किस द्वार से प्रवेश करती हैं?पुण्यात्माएँ यमपुरी में पूर्वी, पश्चिमी और उत्तरी द्वारों से प्रवेश करती हैं।#पुण्यात्मा#यमपुरी#पूर्वी द्वार
मरणोपरांत आत्मा यात्रायमपुरी के कितने द्वार बताए गए हैं?यमपुरी के चार द्वार बताए गए हैं।#यमपुरी#चार द्वार#दक्षिण द्वार
मरणोपरांत आत्मा यात्राआधा मुहूर्त कितना समय माना गया है?आधा मुहूर्त लगभग 24 मिनट माना गया है।#आधा मुहूर्त#24 मिनट#यममार्ग
मरणोपरांत आत्मा यात्रामृत्यु के बाद पुत्र द्वारा किए गए दान का फल कैसा होता है?मृत्यु के बाद पुत्र द्वारा किए गए दान का फल सामान्य प्रभाव वाला बताया गया है।#पुत्र द्वारा दान#मृत्यु के बाद#दान फल
मरणोपरांत आत्मा यात्राशवदाह के समय शव का सिर किस दिशा में रखना चाहिए?शवदाह के समय शव का सिर उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए।#शवदाह#दिशा#उत्तर दिशा
मरणोपरांत आत्मा यात्रामृत्यु के समय यमदूत कब आते हैं?जब प्राण कंठ में अवरुद्ध होते हैं, तब पापी जीव के सामने यमदूत आते हैं।#यमदूत#मृत्यु#प्राण
मरणोपरांत आत्मा यात्रामृत्यु के समय देह की पवित्रता कैसे रखी जाती है?गोमय-लेपित भूमि, कुशा, तुलसी, शालिग्राम और नौ द्वारों में स्वर्ण से मृत्यु-समय देह की पवित्रता रखी जाती है।#देह पवित्रता#मृत्यु#तुलसी
मरणोपरांत आत्मा यात्राशरीर के नौ द्वारों में स्वर्ण रखने का क्या विधान है?नौ द्वारों में स्वर्ण रखना देह की पवित्रता और पारलौकिक शुद्धता का शास्त्रीय विधान है।#नौ द्वार#स्वर्ण#मृत्यु विधि
मरणोपरांत आत्मा यात्रामृत्यु के समय कंठ पर तुलसी पत्र क्यों रखा जाता है?कंठ पर तुलसी पत्र रखना मृत्यु के समय पवित्रता और पारलौकिक शुद्धता की विधि का भाग है।#तुलसी पत्र#कंठ#मृत्यु
मरणोपरांत आत्मा यात्रामृत्यु के समय कुशा क्यों बिछाई जाती है?कुशा मरणासन्न व्यक्ति को पवित्र भूमि पर स्थापित करने के शास्त्रीय विधान का भाग है।#कुशा#मरणासन्न#गरुड़ पुराण
मरणोपरांत आत्मा यात्रामृत्यु के समय गोमय लेपन क्यों किया जाता है?गोमय लेपन मृत्यु के समय भूमि को शास्त्रीय रूप से पवित्र करने के लिए किया जाता है।#गोमय#मृत्यु विधि#गरुड़ पुराण
मरणोपरांत आत्मा यात्रामृत्यु के समय पापी जीव को वैराग्य क्यों नहीं होता?पापी और विषयासक्त जीव मृत्यु के सामने भी मोह के कारण वैराग्य नहीं पाता।#मृत्यु#पापी जीव#वैराग्य
मरणोपरांत आत्मा यात्रामृत्यु के समय आत्मा स्थूल शरीर कैसे छोड़ती है?आत्मा मृत्यु के समय लिंग शरीर में आवेष्टित होकर स्थूल पञ्चभौतिक शरीर छोड़ती है।#मृत्यु#आत्मा#स्थूल शरीर
मरणोपरांत आत्मा यात्राभागवत पुराण में मृत्यु के समय जीव की स्थिति कैसी बताई गई है?भागवत पुराण में पापी जीव मृत्यु के समय वृद्ध, व्याधिग्रस्त, वैराग्यहीन और यमदूतों को देखकर भयभीत बताया गया है।#भागवत पुराण#मृत्यु#मरणासन्न अवस्था