📖
विस्तृत उत्तर
यमपुरी के चार विशाल द्वार बताए गए हैं। पुण्यात्माओं को पूर्वी, पश्चिमी और उत्तरी द्वारों से सम्मानपूर्वक प्रवेश कराया जाता है। पापियों और धर्मभ्रष्ट जीवों को यमदूत अत्यंत भयंकर दक्षिण द्वार से भीतर घसीटते हैं। यमपुरी में प्रवेश के बाद आत्मा धर्मराज यम के दरबार में पहुँचती है, जहाँ चित्रगुप्त उसके कर्मों का लेखा प्रस्तुत करते हैं।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





