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विस्तृत उत्तर
पापियों और धर्मभ्रष्ट जीवों को यमदूत यमपुरी के अत्यंत भयंकर दक्षिण द्वार से भीतर घसीटते हैं। यमपुरी के चार विशाल द्वारों में पूर्वी, पश्चिमी और उत्तरी द्वार पुण्यात्माओं के सम्मानपूर्ण प्रवेश के लिए बताए गए हैं, पर पापी आत्माओं का प्रवेश दक्षिण द्वार से होता है। यह प्रवेश उनके पापों और धर्मभ्रष्ट कर्मों के आधार पर होने वाली कठोर न्याय-प्रक्रिया का प्रारंभ है।
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