📖
विस्तृत उत्तर
यदि जीव ने पाप किए हैं, तो यमराज उसे उसके पापों की गंभीरता के अनुसार विभिन्न नरकों में यातना सहने के लिए भेजते हैं। कुम्भीपाक और रौरव जैसे नरकों का उल्लेख किया गया है। पापी और धर्मभ्रष्ट जीवों को यमपुरी के भयंकर दक्षिण द्वार से भीतर घसीटा जाता है। यमराज चित्रगुप्त द्वारा पढ़े गए कर्मों के आधार पर निर्णय करते हैं और पापी आत्मा को उसके कर्मों के अनुसार नरकगति मिलती है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?



