शुभ मुहूर्तदक्षिण काली यंत्र की स्थापना के लिए कौन सी तिथि शुभ है?दक्षिण काली यंत्र स्थापना की शुभ तिथि: चैत्र, आषाढ़ या माघ मास की अष्टमी तिथि।#दक्षिण काली यंत्र#चैत्र आषाढ़ माघ#अष्टमी तिथि
शुभ मुहूर्तमाँ काली की पूजा के लिए कौन सा समय सबसे शुभ है?काली पूजा का शुभ काल: कार्तिक अमावस्या (काली पूजा/दीपावली) = अत्यंत शुभ। निशिता काल (मध्यरात्रि) = विशेष फलदायी। ग्रहण काल, होली की रात्रि। कृष्ण पक्ष की अष्टमी या चतुर्दशी।#काली पूजा मुहूर्त#कार्तिक अमावस्या#निशिता काल
शुभ मुहूर्तमाँ तारा के मंत्र जप के लिए सबसे उत्तम समय कौन सा है?तारा मंत्र जप का उत्तम समय: रात्रि 10 बजे से सुबह 3 बजे के बीच। विशेषकर रात्रि 11:48 से 12:20 के बीच = सर्वाधिक उत्तम।#मंत्र जप समय#रात्रि 10 से 3#11:48 से 12:20
शुभ मुहूर्तधूमावती साधना के लिए कौन से दिन और समय शुभ हैं?धूमावती साधना के शुभ दिन: (1) ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी = जयंती (अत्यंत शुभ), (2) किसी भी महीने का कृष्ण पक्ष शनिवार, (3) गुप्त नवरात्रि।#धूमावती साधना दिन#शनिवार कृष्ण पक्ष#गुप्त नवरात्रि
शुभ मुहूर्तबगलामुखी साधना के लिए कौन सा समय सर्वोत्तम है?बगलामुखी साधना का सर्वोत्तम समय: रात्रि 9 बजे से 12 बजे के बीच।#रात्रि 9 से 12#साधना समय#उत्तम काल
शुभ मुहूर्तउच्छिष्ट मातंगी और राज मातंगी साधना के मुहूर्त में क्या अंतर है?अंतर: उच्छिष्ट मातंगी = सोमवार, रात्रि 9 बजे के बाद। राज मातंगी = रात्रि 10 बजे के बाद या ब्रह्म मुहूर्त में।#उच्छिष्ट मातंगी मुहूर्त#राज मातंगी मुहूर्त#रात्रि 9
शुभ मुहूर्तमातंगी साधना के लिए कौन सी विशेष तिथियाँ शुभ हैं?मातंगी साधना की शुभ तिथियाँ: (1) अक्षय तृतीया = मातंगी जयंती, (2) वैशाख पूर्णिमा = मातंगी सिद्धि दिवस, (3) गुप्त नवरात्रि का नौवाँ दिन = माँ मातंगी की पूजा का विशेष दिन।#मातंगी जयंती#अक्षय तृतीया#वैशाख पूर्णिमा
शुभ मुहूर्तवसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?शुभ मुहूर्त: माघ शुक्ल पंचमी जो मध्याह्न को स्पर्श करे। पूजा का सर्वश्रेष्ठ समय = सूर्योदय के बाद पूर्वाह्न से मध्याह्न क्षण तक। यदि दो दिन हो तो 'पूर्वविद्धा' (चतुर्थी युक्त पंचमी) ग्राह्य।#सरस्वती पूजा मुहूर्त#मध्याह्न#धर्मसिंधु
शुभ मुहूर्त2026 में चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना का मुहूर्त क्या है?2026 चैत्र नवरात्रि: 19 मार्च (गुरुवार)। सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: 06:52 से 07:43 (मीन लग्न + शुद्ध प्रतिपदा)। अभिजित मुहूर्त: 12:05 से 12:53। राहुकाल: 14:48 से 16:18 (वर्जित)। 06:52 से पहले अमावस्या प्रभाव — उससे पहले न करें।#2026 कलश स्थापना मुहूर्त#19 मार्च#मीन लग्न
शुभ मुहूर्तअभिजित मुहूर्त में कलश स्थापना कर सकते हैं?हाँ। यदि प्रातःकाल का समय न मिले तो अभिजित मुहूर्त (मध्याह्न काल) में कलश स्थापना की जा सकती है — यह अत्यंत शुभ और दोष-निवारक विकल्प है। 2026 में 19 मार्च: दोपहर 12:05 से 12:53 बजे तक।#अभिजित मुहूर्त#मध्याह्न काल#वैकल्पिक मुहूर्त
शुभ मुहूर्तकलश स्थापना सुबह किस समय करनी चाहिए?कलश स्थापना का सर्वश्रेष्ठ समय = प्रतिपदा का प्रथम एक-तिहाई भाग (प्रातःकाल)। 2026 में 19 मार्च: प्रातः 06:52 से 07:43 (मीन लग्न + शुद्ध प्रतिपदा का संयोग)। 06:52 से पहले अमावस्या प्रभाव — उससे पहले न करें।#कलश स्थापना समय#प्रातःकाल#प्रतिपदा
शुभ मुहूर्तकलश स्थापना का शुभ मुहूर्त कैसे निकालें?मुहूर्त के नियम (निर्णयसिन्धु): प्रतिपदा तिथि की व्याप्ति अनिवार्य। सर्वश्रेष्ठ = प्रतिपदा का प्रथम एक-तिहाई भाग (प्रातःकाल)। विकल्प = अभिजित मुहूर्त (मध्याह्न)। शुभ लग्न = द्विस्वभाव (मीन, मिथुन, कन्या, धनु)।#कलश स्थापना मुहूर्त#निर्णयसिन्धु#प्रतिपदा
शुभ मुहूर्ततुलसी विवाह का शुभ समय क्या है?तुलसी विवाह का शुभ समय: गोधूलि बेला / संध्याकाल — सूर्यास्त के समय या सायं 6 से 8 बजे के मध्य। 'प्रदोष व्यापिनी' तिथि शास्त्रसम्मत। इस समय देवों का जागरण पूर्ण और सकारात्मक ऊर्जा चरमोत्कर्ष पर।#तुलसी विवाह मुहूर्त#गोधूलि बेला#संध्याकाल
शुभ मुहूर्ततुलसी विवाह कब होता है — कौन सी तिथि?तुलसी विवाह: कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी (चातुर्मास समाप्ति का दिन)। धर्मसिन्धु: एकादशी से कार्तिक पूर्णिमा के मध्य किसी भी दिन संपन्न कर सकते हैं। द्वादशी को करना अधिक श्रेयस्कर।#तुलसी विवाह तिथि#कार्तिक एकादशी#देवउठनी
शुभ मुहूर्तवाहन पूजन के लिए कौन सी तिथियाँ शुभ हैं?शुभ तिथियाँ: 1, 3, 5, 6, 8, 10, 11, 13, 15 (शुक्ल पक्ष)। त्याज्य तिथियाँ: अमावस्या, चतुर्थी (4), नवमी (9), चतुर्दशी (14) — ये 'रिक्ता' तिथियाँ मानसिक अस्थिरता और अवरोध उत्पन्न करती हैं।#वाहन पूजन तिथि#शुक्ल पक्ष#शुभ तिथि
शुभ मुहूर्तगाड़ी खरीदने का शुभ दिन कौन सा है?गाड़ी खरीदने के लिए शुभ दिन: सोमवार (चंद्र = शांति), बुधवार (बुध = बुद्धि), गुरुवार (गुरु = सुरक्षा), शुक्रवार (शुक्र = सुख-समृद्धि)। शुक्ल पक्ष की तिथियाँ भी अत्यंत प्रभावी।#गाड़ी खरीदने का शुभ दिन#वार#सोमवार बुधवार