स्तोत्रदुर्गा सप्तशती का सिद्ध कुंजिका मंत्रसिद्ध कुंजिका मंत्र ('ॐ ऐं ह्रीं क्लीं... ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा') एक ऐसा गुप्त बीज मंत्र है, जिसके पाठ मात्र से संपूर्ण दुर्गा सप्तशती का फल मिलता है और सभी बाधाएं दूर होती हैं।#सिद्ध कुंजिका#दुर्गा सप्तशती#सिद्धि
स्तोत्रलक्ष्मी प्राप्ति के लिए श्री सूक्त के मंत्रऋग्वेद के 'श्री सूक्त' का प्रथम मंत्र ('ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं...') माता लक्ष्मी के स्वर्णिम स्वरूप का आवाहन है। श्री यंत्र पर इसका नियमित पाठ दरिद्रता को पूर्णतः नष्ट कर देता है।#श्री सूक्त#महालक्ष्मी#धन प्राप्ति
स्तोत्रशरीर की रक्षा के लिए 'वज्र पंजर कवच' मंत्रवज्र पंजर का अर्थ है 'वज्र का पिंजरा'। शनि या दुर्गा वज्र पंजर कवच का पाठ शरीर के प्रत्येक अंग के चारों ओर एक अभेद्य ऊर्जा-घेरा बना देता है, जो काले जादू, दुर्घटनाओं और अकाल मृत्यु से रक्षा करता है।#वज्र पंजर#कवच#सुरक्षा
स्तोत्रशांति पाठ मंत्र का वास्तविक अर्थशांति पाठ केवल व्यक्तिगत शांति नहीं, बल्कि स्वर्ग, अंतरिक्ष, पृथ्वी, जल, वनस्पति और संपूर्ण ब्रह्मांड में शांति और संतुलन स्थापित करने की एक वैदिक प्रार्थना है।#शांति पाठ#यजुर्वेद#प्रकृति
स्तोत्रविष्णु सहस्रनाम के सिद्ध मंत्रसमय के अभाव में 'श्री राम राम रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने॥' का तीन बार पाठ करने से पूरे विष्णु सहस्रनाम का पुण्य प्राप्त होता है।#विष्णु सहस्रनाम#सिद्ध श्लोक#श्री राम