सृष्टि तत्त्वशिव बीजी, ब्रह्मा बीज और विष्णु योनि कैसे हैं?विष्णु ने कहा कि शिव बीजवान् हैं, ब्रह्मा बीज हैं और वे स्वयं योनि हैं; शिव के लिंग से निकला बीज विष्णु की योनि में गिरा।#बीजी#बीज#योनि
सृष्टि तत्त्ववायु अग्नि जल और पृथ्वी कैसे उत्पन्न होते हैं?आकाश से वायु, वायु से अग्नि, अग्नि से जल और जल से पृथ्वी की उत्पत्ति बताई गई है।#वायु#अग्नि#जल
सृष्टि तत्त्वआकाश की उत्पत्ति कैसे होती है?तामस अहंकार से शब्द तन्मात्रावाले अव्यय आकाश की उत्पत्ति बताई गई है।#आकाश#शब्द तन्मात्रा#तामस अहंकार
सृष्टि तत्त्वपंच तन्मात्रा कैसे उत्पन्न होती हैं?अहंकार से शब्द, स्पर्श आदि तन्मात्राएँ उत्पन्न होती हैं और उनसे भूतसर्ग आगे बढ़ता है।#पंच तन्मात्रा#शब्द#स्पर्श
सृष्टि तत्त्वमहत्तत्त्व कैसे उत्पन्न होता है?सृष्टि के समय तीन गुणों से युक्त अजरूप पुरुष की आज्ञा से अधिष्ठित माया से महत्तत्त्व उत्पन्न हुआ।#महत्तत्त्व#माया#अजा
सृष्टि तत्त्वविष्णु से जगत की रक्षा कैसे होती है?तीन प्रधान देवों में विष्णु से जगत् की रक्षा होती है और पालन की स्थिति सत्त्वगुण से जुड़ी बताई गई है।#विष्णु#जगत रक्षा#पालन
सृष्टि तत्त्वब्रह्मा से सृष्टि कैसे होती है?माया-वितत लिंगों से उद्भूत तीन प्रधान देवों में ब्रह्मा से जगत् की उत्पत्ति बताई गई है।#ब्रह्मा#सृष्टि#शिवात्मक
सृष्टि तत्त्वजीव और शिव का संबंध कैसे बताया गया है?जीव को ध्याता और शिव को ध्येय के रूप में रखा गया है।#जीव#शिव#ध्याता
सृष्टि तत्त्वछब्बीस तत्त्वों का वर्णन कैसे किया गया है?सोलह रूपों के साथ अव्यक्त, ध्याता जीव और ध्येय शिव आदि को लेकर छब्बीस रूप बताए गए हैं।#छब्बीस तत्त्व#अव्यक्त#जीव