विस्तृत उत्तर
कुंभ मेला = विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन — 12 वर्ष में एक बार।
शास्त्रीय आधार
- 1समुद्र मंथन कथा: अमृत कलश ले जाते समय 4 स्थानों पर अमृत बूँदें गिरीं — प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन, नासिक = कुंभ स्थान।
- 2ज्योतिषीय: गुरु(बृहस्पति) + सूर्य + चंद्र की विशेष स्थिति = कुंभ योग। गुरु प्रत्येक राशि में ~1 वर्ष = 12 वर्ष में चक्र पूर्ण।
- 3स्कंद पुराण: कुंभ स्नान = करोड़ अश्वमेध यज्ञ + करोड़ गंगा स्नान फल।
कब
- ▸प्रयागराज: गुरु वृष/मेष + सूर्य मकर।
- ▸हरिद्वार: गुरु कुंभ + सूर्य मेष।
- ▸उज्जैन (सिंहस्थ): गुरु सिंह।
- ▸नासिक: गुरु सिंह।
मान्यता: कुंभ स्नान = सभी पापों का नाश, मोक्ष प्राप्ति।




