📖
विस्तृत उत्तर
महातल के नाग कई फनों वाले बताए गए हैं क्योंकि श्रीमद्भागवत पुराण में उन्हें 'नैकशिरस' कहा गया है, अर्थात अनेक सिरों या फनों वाले। ये काद्रवेय सर्प महातल में रहते हैं और क्रोधवश गण के अंतर्गत आते हैं। इनमें कुहक, तक्षक, कालिय और सुषेण जैसे प्रमुख नाग हैं। इनके फनों पर दिव्य मणियाँ सुशोभित रहती हैं, जिनकी चमक से महातल का अंधकार नष्ट हो जाता है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





