विस्तृत उत्तर
आयुर्वेद के अनुसार तिल और गुड़ दोनों ही 'ऊष्ण प्रकृति' (गर्म तासीर) के होते हैं। शीत ऋतु में हाइपोथर्मिया (Hypothermia) और वात-वृद्धि का खतरा रहता है।
तिल में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम, आयरन और अच्छे फैट्स होते हैं जो हड्डियों और त्वचा के लिए लाभकारी हैं।
गुड़ प्राकृतिक मिठास और लौह-तत्त्व (Iron) का स्रोत है, जो शरीर में ऊष्मा उत्पन्न करता है।
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