📖
विस्तृत उत्तर
मकर संक्रांति पर तिल का उबटन (तिलोद्वर्तन) स्नान से पूर्व किया जाता है। इसके लिए पिसे हुए काले तिल, जौ और गोमूत्र (या गोधूलि/मिट्टी) का शरीर पर मर्दन (लेप) किया जाता है।
शास्त्रीय और आयुर्वेदिक महत्व: शीत ऋतु में वात दोष का शमन होता है, त्वचा के रोम छिद्रों का विस्तार होता है, और ऊर्जा का संचार होता है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?



