विस्तृत उत्तर
मंत्र जप से मनोकामना पूर्ति का वर्णन भगवद् गीता और भागवत पुराण में है:
भगवद् गीता (9.22)
अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते। तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम्।
— जो मेरी अनन्य भक्ति से उपासना करते हैं, उनका योग (जो नहीं मिला) और क्षेम (जो मिला उसकी रक्षा) मैं स्वयं करता हूँ।
मनोकामना पूर्ति का मार्ग
1सही मंत्र
- ▸धन के लिए: लक्ष्मी मंत्र — 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः'
- ▸स्वास्थ्य: महामृत्युंजय
- ▸बाधा निवारण: गणेश मंत्र
- ▸शत्रु से रक्षा: दुर्गा मंत्र
- ▸विद्या: सरस्वती मंत्र
2संकल्प
जप आरंभ में स्पष्ट संकल्प — 'मैं यह जप [कारण] के लिए कर रहा हूँ।'
3नियम
- ▸नित्य जप — बिना नागा
- ▸संख्या पूरी करें
- ▸फल की अत्यधिक चिंता न करें
4समर्पण
फल भगवान को अर्पित करें — 'जो आप ठीक समझें।' यह 'अनन्य भाव' है।
शास्त्र का सत्य
मंत्र महोदधि: मनोकामना पूरी होगी — किंतु समय और विधि भगवान तय करते हैं। भक्त का कार्य जप करना है — फल भगवान पर।





