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विस्तृत उत्तर
नागमणियाँ अपनी तीव्र, निर्मल और अलौकिक चमक से महातल को प्रकाशित करती हैं। महातल में रहने वाले विशाल नागों के फनों पर दिव्य मणियाँ सुशोभित हैं। चूँकि महातल में सूर्य, चंद्र या तारों का प्रकाश नहीं पहुँचता, इन्हीं नागमणियों की चमक वहाँ का संपूर्ण अंधकार नष्ट करती है। यह प्रकाश सूर्य की तरह संताप या गर्मी नहीं देता और चंद्रमा की तरह कष्टकारी शीतलता भी नहीं देता। यह समशीतोष्ण, आनंददायक और सुखद प्रकाश है।
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