विस्तृत उत्तर
पंचामृत का अर्थ है 'पाँच अमृत' — दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (मिश्री) इन पाँच पवित्र वस्तुओं से बना मिश्रण। इससे भगवान का अभिषेक किया जाता है और इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।
शास्त्रीय अनुपात — परंपरागत विधि के अनुसार घी सबसे कम और दूध सबसे अधिक होता है, प्रत्येक दोगुना बढ़ता जाता है। यदि घी 1 भाग हो तो शहद 2 भाग, मिश्री 4 भाग, दही 8 भाग और दूध 16 भाग। व्यावहारिक उदाहरण — 1 चम्मच घी, 2 चम्मच शहद, 4 चम्मच मिश्री, 8 चम्मच दही और 250 मिली दूध।
एक अन्य सरल और प्रचलित अनुपात — 250 मिली गाय का दूध, 2 बड़े चम्मच दही, 1 चम्मच शहद, 1 चम्मच घी और 2 चम्मच पिसी मिश्री। अंत में 2-3 तुलसी पत्ते मिलाएं।
पंचामृत बनाने का क्रम महत्वपूर्ण है — पहले दही लें और घोलें, फिर दूध मिलाएं, फिर मिश्री, फिर शहद और अंत में घी मिलाएं। सबसे अंत में तुलसी पत्ते डालें।
पंचामृत तांबे या चांदी के पात्र में बनाएं। अभिषेक का मंत्र है — 'पयोदधिघृतं चैव मधु च शर्करायुतम्। पंचामृतं मयानीतं स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम्।।' गाय का दूध सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।





