विस्तृत उत्तर
18 महापुराणों की सूची और उनका महत्व स्वयं पुराण ग्रंथों में वर्णित है। मत्स्य पुराण में पुराणों की सूची और श्लोक संख्या दी गई है:
पुराण का अर्थ
पुरा अपि नवम् इति पुराणम्' — जो पुराना होते हुए भी सदा नया है, वह पुराण है। पुराण पाँच विषयों (पंचलक्षण) पर आधारित हैं:
- 1सर्ग (सृष्टि)
- 2प्रतिसर्ग (प्रलय और पुनर्सृष्टि)
- 3वंश (देवताओं की वंशावली)
- 4मन्वंतर (14 मनु के काल)
- 5वंशानुचरित (राजाओं का इतिहास)
18 महापुराण (वेदव्यास रचित)
| क्र. | पुराण | श्लोक | प्रमुख देवता |
|-----|-------|--------|---------------|
| 1 | ब्रह्म पुराण | 10,000 | ब्रह्मा, सूर्य |
| 2 | पद्म पुराण | 55,000 | विष्णु |
| 3 | विष्णु पुराण | 23,000 | विष्णु — 6 अंश |
| 4 | शिव पुराण | 24,000 | शिव — 7 संहिता |
| 5 | भागवत पुराण | 18,000 | कृष्ण — 12 स्कंध |
| 6 | नारद पुराण | 25,000 | विष्णु, नारद |
| 7 | मार्कंडेय पुराण | 9,000 | दुर्गा (देवी माहात्म्य) |
| 8 | अग्नि पुराण | 15,400 | अग्नि (सर्वविषय) |
| 9 | भविष्य पुराण | 14,500 | सूर्य, भविष्यकथन |
| 10 | ब्रह्म वैवर्त पुराण | 18,000 | कृष्ण, राधा |
| 11 | लिंग पुराण | 11,000 | शिव-लिंग |
| 12 | वराह पुराण | 24,000 | विष्णु-वराह |
| 13 | स्कंद पुराण | 81,100 | शिव, कार्तिकेय (सर्वविशाल) |
| 14 | वामन पुराण | 10,000 | विष्णु-वामन |
| 15 | कूर्म पुराण | 17,000 | विष्णु-कूर्म |
| 16 | मत्स्य पुराण | 14,000 | विष्णु-मत्स्य |
| 17 | गरुड़ पुराण | 19,000 | विष्णु, मृत्यु रहस्य |
| 18 | ब्रह्मांड पुराण | 12,000 | ब्रह्मांड विज्ञान |
तीन वर्ग
- ▸सात्विक (वैष्णव): भागवत, विष्णु, नारद, गरुड़, पद्म, वराह
- ▸राजसिक (ब्राह्म): ब्रह्म, ब्रह्मांड, ब्रह्मवैवर्त, मार्कंडेय, भविष्य, वामन
- ▸तामसिक (शैव): शिव, लिंग, स्कंद, अग्नि, मत्स्य, कूर्म
18 उपमहापुराण
सनत्कुमार, नरसिंह, नंदी, शिवधर्म, दुर्वासा, नारदीय, कपिल, मानव, उशनस, ब्रह्मांड, वरुण, कालिका, महेश्वर, साम्ब, सौर, पराशर, मारीच, भागवत-लघु।
सबसे बड़ा पुराण: स्कंद पुराण (81,100 श्लोक)
सबसे छोटा: मार्कंडेय पुराण (9,000 श्लोक)
सर्वाधिक प्रसिद्ध: श्रीमद्भागवत पुराण





