ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
पुराण परिचय📜 शिव पुराण - स्वयं2 मिनट पठन

शिव पुराण क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

शिव पुराण 18 महापुराणों में से एक है, जिसमें 24,000 श्लोक हैं। इसमें 7 संहिताएं हैं — शिव पूजा विधि, 12 ज्योतिर्लिंग कथाएं, शिव-पार्वती विवाह और मोक्ष मार्ग का वर्णन है। वेदव्यास जी इसके रचयिता हैं।

📖

विस्तृत उत्तर

शिव पुराण 18 महापुराणों में से एक है और इसे शैव सम्प्रदाय का सर्वोच्च ग्रंथ माना जाता है।

परिचय

  • श्लोक संख्या: 24,000 श्लोक (कुछ मतानुसार 12,000)
  • रचयिता: वेदव्यास जी
  • वक्ता: सूत जी (शौनकादि ऋषियों को)
  • भाषा: संस्कृत

सात संहिताएं

  1. 1विद्येश्वर संहिता — शिव पूजा विधि, ओंकार, लिंग का महत्व
  2. 2रुद्र संहिता — शिव का जीवन चरित्र, सती, पार्वती विवाह, रावण कथा
  3. 3शतरुद्र संहिता — 100 रुद्रों का वर्णन
  4. 4कोटिरुद्र संहिता — 12 ज्योतिर्लिंगों का माहात्म्य
  5. 5उमा संहिता — पार्वती चरित्र, व्रत, उत्सव
  6. 6कैलाश संहिता — शिव के कैलाश स्वरूप का वर्णन
  7. 7वायवीय संहिता — ज्ञान, योग, मोक्ष मार्ग

शिव पुराण का महत्व

  • 12 ज्योतिर्लिंगों की कथाएं
  • शिव-पार्वती विवाह की पूर्ण कथा
  • सती दाह और उमा अवतार की कथा
  • महाशिवरात्रि, सोमवार व्रत की विधि
  • पंचाक्षरी मंत्र का माहात्म्य

पाठ का फल: शिव पुराण में कहा गया है — जो इस पुराण को श्रद्धा से पढ़ता या सुनता है, वह शिव लोक को प्राप्त होता है।

📜
शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण - स्वयं
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

शिव पुराणमहापुराणसंहितापरिचय

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

शिव पुराण क्या है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको पुराण परिचय से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर शिव पुराण - स्वयं पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।