विस्तृत उत्तर
सुदर्शन चक्र सूर्य देव के असहनीय दिव्य तेज से बना था। देवशिल्पी विश्वकर्मा ने सूर्य देव के अतिरिक्त और असहनीय तेज को एकत्र किया और उस तेज को नियंत्रित और रूपांतरित करके सुदर्शन चक्र का निर्माण किया। सूर्य जो समस्त ऊर्जा, प्रकाश और जीवन का स्रोत है, उसके सार तत्व से निर्मित होना सुदर्शन चक्र की अपार शक्ति, दिव्य तेज और अंधकार (अधर्म) को दूर करने की अंतर्निहित क्षमता का प्रतीक है। असीम दिव्य ऊर्जा को लोक कल्याण के लिए उपयोगी और नियंत्रित स्वरूप प्रदान किया गया।
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