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विस्तृत उत्तर
सुरभि माता के अंश से चार दिव्य गौओं का जन्म हुआ, जो ब्रह्मांड की चारों दिशाओं का भार वहन करती हैं। इन्हें दिक्पाली कहा गया है। पूर्व दिशा का भार वहन करने वाली गौ सुरूपा या सौरभी कहलाती है। दक्षिण दिशा में हंसिका स्थित है। पश्चिम दिशा में, वरुण के क्षेत्र में, सुभद्रा स्थित है। उत्तर दिशा में, कुबेर के क्षेत्र में, सर्व-कामदुघा या धनु नामक गौ ब्रह्मांड का संतुलन बनाए रखती है।
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