📖
विस्तृत उत्तर
पंचरात्र आगम और पद्म संहिता के अनुसार, सुतल लोक में दानवों और दैत्यों के साथ-साथ कालेय और फणी भी बहुतायत में निवास करते हैं। फणी नागों की एक विशेष प्रजाति बताई गई है। ये सभी निवासी सुतल लोक के दिव्य रसायनों और रत्नों के प्रकाश में असीम आनंद का उपभोग करते हैं। सुतल लोक में नागों की उपस्थिति प्रकाश व्यवस्था से भी जुड़ी है, क्योंकि महान सर्पों के फणों पर स्थित स्व-प्रकाशमान मणियाँ पूरे लोक को आलोकित करती हैं।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





