विस्तृत उत्तर
सुतल लोक में वैष्णव भक्ति महाराजा बलि, प्रह्लाद जी और भगवान वामन की प्रत्यक्ष उपस्थिति के कारण बनी रहती है। यद्यपि सुतल लोक में असुर, दैत्य और दानव रहते हैं, पर महाराजा बलि धर्मनिष्ठ और भगवद-भक्त शासक हैं। प्रह्लाद जी, जो महान वैष्णव हैं, भगवान विष्णु के निर्देश से अपने पौत्र बलि के साथ सुतल में निवास करते हैं। भगवान वामन स्वयं सुतल लोक में बलि के रक्षक और द्वारपाल रूप में स्थित हैं। इसी कारण सुतल लोक में असुरों और दानवों के घनी आबादी में निवास करने के बावजूद एक महान वैष्णव परंपरा और भगवान की अनन्य भक्ति का प्रवाह निरंतर बना रहता है।
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