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अंतिम संस्कार📜 गरुड़ पुराण, धर्मशास्त्र1 मिनट पठन

तेरहवीं पर ब्राह्मण भोजन का नियम?

संक्षिप्त उत्तर

तेरहवीं = पितर विदाई। ब्राह्मण भोजन अनिवार्य (विषम संख्या — 1/3/5/7/11)। सात्विक भोजन, लोहे बर्तन नहीं, पंचबलि, दक्षिणा। सामूहिक भोज + मृतक वस्तुएँ दान + गरुड़ पुराण समाप्ति।

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विस्तृत उत्तर

मृत्यु के 13वें दिन (तेरहवीं/त्रयोदशाह) = पितर विदाई और सामूहिक भोज का दिन।

ब्राह्मण भोजन नियम

  1. 1ब्राह्मण भोजन = श्राद्ध का अनिवार्य अंग। ब्राह्मण = पितरों का प्रतिनिधि।
  2. 2कम से कम 1 ब्राह्मण भोजन कराना अनिवार्य। उत्तम = विषम संख्या (1, 3, 5, 7, 11, 13)।
  3. 3भोजन सात्विक — खीर, पूड़ी, सब्जी, दाल-चावल। मांस/प्याज/लहसुन वर्जित।
  4. 4लोहे के बर्तन में न परोसें — कांसा/पीतल/पत्तल उत्तम।
  5. 5भोजन से पहले पंचबलि (गाय, कुत्ता, कौवा, चींटी, अग्नि) निकालें।
  6. 6ब्राह्मण को दक्षिणा (धन + वस्त्र + अनाज) अवश्य दें।
  7. 7प्रसन्न मन से भोजन कराएँ — दुखी/अप्रसन्न भाव से न करें।

तेरहवीं विशेष

  • सामूहिक भोज (मृत्युभोज) = परिवार, रिश्तेदार, पड़ोसी।
  • मृतक के कपड़े/वस्तुएँ दान करें।
  • गरुड़ पुराण पाठ समाप्ति + शांतिकर्म।
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शास्त्रीय स्रोत
गरुड़ पुराण, धर्मशास्त्र
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