विस्तृत उत्तर
नव निधि = कुबेर (धन देवता) की 9 अक्षय निधियां — असीमित धन-सम्पदा:
9 निधि
- 1पद्म निधि: कमल संबंधी — सात्विक धन, परोपकार।
- 2महापद्म निधि: महाकमल — अत्यधिक शुद्ध धन।
- 3शंख निधि: शंख — व्यापार, वाणिज्य।
- 4मकर निधि: मगरमच्छ — सैन्य/शक्ति संबंधी।
- 5कच्छप निधि: कछुआ — स्थिर, दीर्घकालिक।
- 6मुकुंद निधि: मुक्ति — आध्यात्मिक संपदा।
- 7कुंद निधि: कुंद पुष्प — कला/सौंदर्य।
- 8नील निधि: नीला — रत्न/खनिज।
- 9खर्व निधि: खर्व — भूमि/कृषि संपदा।
तांत्रिक उपयोग: कुबेर मंत्र + नव निधि ध्यान = धन प्राप्ति। लक्ष्मी पूजा + कुबेर = नव निधि।
'ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं...नवनिधये नमः' — नव निधि मंत्र।
ध्यान रखें: नव निधि = प्रतीकात्मक — केवल भौतिक धन नहीं, सभी प्रकार की सम्पदा (ज्ञान, शक्ति, सौंदर्य, मोक्ष)।
