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तंत्र माला📜 तंत्र शास्त्र — माला विधान, कुलार्णव तंत्र, शक्ति संगम तंत्र2 मिनट पठन

तंत्र साधना में कौन सी माला उपयोग करें?

संक्षिप्त उत्तर

तंत्र माला: रुद्राक्ष (सर्वश्रेष्ठ — शिव-भैरव), रक्तचंदन (काली-दुर्गा), काली हकीक (काली-भैरव), स्फटिक (सात्विक तंत्र), हल्दी (कामना साधना)। नियम: गोमुखी में, मध्यमा-अनामिका से, तर्जनी न छुएं।

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विस्तृत उत्तर

तंत्र साधना में माला के नियम कुलार्णव तंत्र और शक्ति संगम तंत्र में वर्णित हैं:

तंत्र देवता अनुसार माला

| माला | साधना |

|------|-------|

| रुद्राक्ष | शिव, भैरव, सभी तंत्र — सर्वश्रेष्ठ |

| रक्तचंदन | काली, दुर्गा, शाक्त साधना |

| काली हकीक | काली, भैरव, तंत्र विशेष |

| मूँगा (लाल) | गणेश, दुर्गा, मंगल शांति |

| हल्दी माला | देवी कामना साधना |

| मोती माला | देवी शांति साधना |

| स्फटिक | सभी देव, सात्विक तंत्र |

| कमलगट्टा | लक्ष्मी, वैभव साधना |

तंत्र में विशेष

कुलार्णव तंत्र: तंत्र में माला का विशेष महत्व है। माला = देव शरीर।

माला पकड़ने का तंत्र नियम

  • दाहिने हाथ में, गोमुखी में
  • मध्यमा और अनामिका से
  • तर्जनी न छुएं
  • सुमेरु न लांघें

सर्वश्रेष्ठ

तंत्र में रुद्राक्ष माला — शिव पुराण: 'हजार गुणा फल।' किसी भी देव की तंत्र साधना में रुद्राक्ष उपयोगी।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र — माला विधान, कुलार्णव तंत्र, शक्ति संगम तंत्र
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