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विस्तृत उत्तर
वराह अवतार की गर्जना को साधारण पशु-ध्वनि नहीं माना गया है। इस कथा में वह आदिनाद का रौद्र और सक्रिय रूप है। पहले आदिनाद सूक्ष्म था, लेकिन वराह अवतार में वही ध्वनि शक्ति बनकर पृथ्वी-उद्धार के लिए प्रकट हुई। यह गर्जना अज्ञान के अंधकार को हटाने और सृष्टि को स्थिर करने वाली दिव्य घोषणा है।
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