विस्तृत उत्तर
वरुण देव को वेदों और पुराणों में जल के अधिपति, ऋतु (ब्रह्मांडीय व्यवस्था) के संरक्षक और सत्य के प्रतीक के रूप में वर्णित किया गया है। वे पश्चिम दिशा के लोकपाल भी हैं और उनका वाहन मकर (मगरमच्छ) है। वरुण देव को 'ऋतस्यगोप' अर्थात व्यवस्था के रक्षक भी कहा जाता है। वरुणास्त्र का सीधा संबंध वरुण देव से है और माना जाता है कि यह उन्हीं की शक्तियों का मूर्त रूप है। वरुण देव की शक्तियों और जल तत्व पर उनके आधिपत्य को समझना वरुणास्त्र की प्रकृति को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
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