विस्तृत उत्तर
वायु पुराण में महातल के विषय में अतिरिक्त विवरण मिलता है। वायु पुराण और ब्रह्मांड पुराण के अनुसार पाताल लोकों के प्रत्येक स्तर पर विशाल और समृद्ध नगर बसे हुए हैं, जो केवल नागों द्वारा ही नहीं, बल्कि महान दैत्यों और दानवों द्वारा भी शासित हैं। वायु पुराण स्पष्ट रूप से उल्लेख करता है कि पांचवें पाताल, यानी महातल, में केवल नाग ही नहीं बल्कि हिरण्याक्ष और किर्मीर जैसे महान दैत्यों के भव्य नगर भी स्थित हैं। तुलनात्मक वर्णन में भी वायु पुराण महातल को पृथ्वी से 50,000 योजन नीचे पांचवें स्तर पर स्थापित करता है।
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