विस्तृत उत्तर
वायु पुराण, ब्रह्मांड पुराण, विष्णु पुराण, गरुड़ पुराण, मार्कंडेय पुराण और शिव पुराण में अतल लोक और अन्य पातालों का वर्णन है। इन सभी ग्रंथों का सर्वसम्मत मत है कि अतल लोक एक ऐसा आयाम है जो दैत्यों, दानवों, यक्षों और नागों के रहने का प्रमुख स्थान है। सभी पुराण इस बात पर सहमत हैं कि यह लोक भौतिक सुखों का अपार केंद्र है जो स्वर्ग से भी समृद्ध है। सभी में यह भी स्पष्ट है कि यहाँ आध्यात्मिक चेतना का अभाव है। सभी पुराण बल असुर को इस लोक का शासक और उसकी 96 मायाओं को इस लोक की विशेषता बताते हैं। मृत्यु का एकमात्र कारण सुदर्शन चक्र है — यह भी सर्वसम्मत है।
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