विस्तृत उत्तर
यममार्ग की 348 दिनों की लंबी यात्रा में आत्मा को 16 पुरियों से होकर गुजरना पड़ता है। इन पुरियों के नाम क्रमशः सौम्यपुर, सौरिपुर, नागेन्द्रभवन, गन्धर्वपुर, शैलागमपुर, क्रौञ्चपुर, क्रूरपुर, विचित्रभवन, बह्वापदपुर, दुःखदपुर, नानाक्रन्दपुर, सुतप्तभवन, रौद्रपुर, पयोवर्षणपुर, शीताढ्यपुर और बहुभीतिपुर हैं। प्रत्येक नगर में आत्मा को आधा मुहूर्त, लगभग 24 मिनट, विश्राम मिलता है। वहाँ वह पृथ्वी पर परिजनों द्वारा किए गए मासिक श्राद्ध का पिण्ड ग्रहण करती है और फिर यमदूत उसे आगे बढ़ा देते हैं।
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