ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

श्राद्ध कर्म — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 5 प्रश्न

🔍
श्राद्ध कर्म

श्राद्ध में कौन कौन से पकवान बनाएं

श्राद्ध पकवान: खीर (सर्वप्रिय), पूड़ी, चावल, उड़द दाल, घी, तिल के व्यंजन, लपसी/हलवा, गुड़ पकवान, दही, मालपूआ। तिल अनिवार्य — 'तिलैस्तु पितरस्तृप्ताः'। वर्जित: मसूर, चना, लहसुन-प्याज, बासी भोजन। चाँदी/पत्तल में परोसें। घी अवश्य। स्थानीय कुलाचार का पालन करें।

श्राद्धपकवानपितृ
श्राद्ध कर्म

श्राद्ध कर्म कौन कौन से दिन करने चाहिए

श्राद्ध तिथियाँ: (1) पितृपक्ष — 16 दिन, मृत्यु तिथि अनुसार। (2) वार्षिक — पुण्यतिथि पर। (3) प्रत्येक अमावस्या। (4) संक्रान्ति, ग्रहण, अक्षय तृतीया। (5) शुभ कार्यों से पूर्व नान्दीमुख श्राद्ध। तिथि अज्ञात हो तो सर्वपितृ अमावस्या पर। चतुर्दशी = अकाल मृत्यु वालों का।

श्राद्धतिथिपितृपक्ष
श्राद्ध कर्म

वार्षिक श्राद्ध कैसे करें

वार्षिक श्राद्ध: मृत्यु तिथि पर प्रतिवर्ष, कुतप काल में। विधि: संकल्प → तिल-जल तर्पण (पितृतीर्थ से) → पिण्डदान (चावल+तिल+जौ+घी) → ब्राह्मण भोजन (विषम संख्या) → दक्षिणा → कौवे-गाय-कुत्ते को भोजन → परिवार भोजन। दक्षिण दिशा मुख। पुत्र/पौत्र करे। सरल: तर्पण + गाय को रोटी + दान।

वार्षिक श्राद्धपुण्यतिथिपितृ
श्राद्ध कर्म

पितृपक्ष में क्या करना चाहिए और क्या नहीं

करें: श्राद्ध-तर्पण, पिण्डदान, ब्राह्मण भोजन, दान, गौ सेवा, कौवे को भोजन, सात्विक आचरण। न करें: विवाह/शुभ कार्य, नई खरीदारी, माँसाहार-मद्यपान, क्रोध-कलह, मसूर-लहसुन-प्याज (श्राद्ध भोजन में)। मूल भावना: पितरों के प्रति श्रद्धा।

पितृपक्षनियमवर्जित
श्राद्ध कर्म

अमावस्या श्राद्ध का क्या विशेष महत्व है

अमावस्या = पितरों का दिन, पितृलोक का द्वार खुला। सर्वपितृ अमावस्या (पितृपक्ष अन्तिम) सर्वाधिक महत्वपूर्ण — सभी पितरों का एक साथ श्राद्ध, तिथि अज्ञात हो तो भी मान्य। मासिक अमावस्या पर तर्पण शुभ। पितृ दोष मुक्ति, सन्तान सुख, सद्गति प्राप्ति। तिल-जल तर्पण + पिण्डदान + ब्राह्मण भोजन।

अमावस्याश्राद्धपितृ

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।