ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

कैसा — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 3 प्रश्न

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ध्यान अनुभव

ध्यान में ईश्वर के साथ एकत्व का अनुभव कैसा होता है?

'अहं ब्रह्मास्मि' = अनुभव। सर्वत्र ईश्वर (सब=एक=मैं)। अनंत प्रेम, शांति, आनंद अश्रु, शब्दहीन। 'तत् त्वम् असि' (छांदोग्य)। 'सर्वं खल्विदं ब्रह्म।' दुर्लभ → स्थिर=जीवनमुक्ति।

ईश्वरएकत्वअनुभव
ध्यान अनुभव

ध्यान में मोक्ष का अनुभव कैसा होता है?

'मैं' विलुप्त, सर्वव्यापी, सत्-चित्-आनंद, भय शून्य। मुंडक: 'ब्रह्मविद् ब्रह्म भवति।' 'कुछ नहीं बदला+सब बदला।' जीवनमुक्ति: 'कमल=कीचड़ में, जल नहीं छूता।'

मोक्षअनुभवकैसा
ध्यान अनुभव

ध्यान में निर्विकल्प समाधि का अनुभव कैसा होता है?

'मैं' शून्य, विषय-वस्तु-ज्ञाता=एक, अनंत, सत्-चित्-आनंद, शब्दातीत। पतंजलि: 'द्रष्टा स्वरूप स्थित।' 1 क्षण = कृतार्थ। स्थिर = अत्यंत दुर्लभ (रामकृष्ण)।

निर्विकल्पसमाधिअनुभव

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।