ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

देवता वस्त्र — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 2 प्रश्न

🔍
मंदिर दान

मंदिर में वस्त्र दान करने का क्या महत्व है?

वस्त्र दान = महापुण्य (पद्मपुराण)। दो प्रकार: देवता को अर्पण (षोडशोपचार अंग) + निर्धन को (लज्जा-रक्षा = परम पुण्य)। नवीन-स्वच्छ दें, फटे/मैले नहीं। संक्रांति, ग्रहण, श्राद्ध — विशेष शुभ। फल: सौन्दर्य, यश, लक्ष्मी कृपा, पितर तृप्ति।

वस्त्र दानवस्त्र अर्पणदेवता वस्त्र
मंदिर पूजा

मंदिर में भगवान के वस्त्र बदलने का क्या नियम है?

दैनिक 2-3 बार: प्रातः (सादे) → श्रृंगार (भव्य) → शयन (हल्के)। रेशम = सर्वोत्तम। रंग: विष्णु=पीला, शिव=श्वेत/भगवा, देवी=लाल। ऋतु अनुसार (ग्रीष्म=हल्के, शीत=ऊनी)। केवल दीक्षित पुजारी। पुराने वस्त्र = निर्माल्य (भक्तों को प्रसाद)। घर: साप्ताहिक/त्योहार पर।

वस्त्र परिवर्तनअलंकारश्रृंगार

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।